Delhi to Kedarnath Trekking
मैंने ओर मेरे दोस्त ने दिल्ली से केदारनाथ की यात्रा की और पूरी यात्रा को लगभग ₹3000 के बजट में पूरा किया। इस यात्रा में दिल्ली से निकलने से लेकर केदारनाथ पहुंचने, ट्रेकिंग करने और वापस आने तक का मेरा अनुभव काफी यादगार रहा।
इस ब्लॉग में मैं आपको अपनी Kedarnath Trekking का पूरा अनुभव बताऊंगा—कहां से यात्रा शुरू की, कौन सा रूट लिया, कितना खर्च हुआ, गौरीकुंड से केदारनाथ तक का ट्रेक कैसा रहा और ₹3000 में यात्रा करने के लिए मैंने किन चीजों का ध्यान रखा।

दिल्ली से केदारनाथ जाने का मेरा प्लान
ड्यूटी के दौरान ऐसे ही मेरा और मेरे दोस्त का प्लान अचानक से केदारनाथ जाने का बन गया और मैं और मेरा दोस्त उसी शाम दिल्ली से केदारनाथ के लिए निकल लिए।
यात्रा की शुरुआत दिल्ली से की थी हम दोनों शाम करीब 7:00 बजे हम दोनों दिल्ली जंक्शन स्टेशन पर पहुंच गए। यात्रा का मुख्य उद्देश्य केदारनाथ के दर्शन करने और घूमना था
दिल्ली से केदारनाथ के लिए यात्रा शुरू
हम जैसे ही स्टेशन जनरल टिकट लिया और लोकल ट्रेन में चढ़ गए। जिसे पकड़ कर हम गाजियाबाद आ गए क्योंकि सभी ट्रेनिंग गाजियाबाद होकर गुजरती है हम रास्ते में बदल बदल कर ट्रेन जाने वाले थे लेकिन हमें उत्कल एक्सप्रेस मिल गई जो काफी लेट चल रही थी और हम उसी से योग नगरी ऋषिकेश पहुंच गए लगभग ₹100 टिकट था

कितने बजे निकले दिल्ली जंक्शन से लगभग 7:00 बजे स्टार्ट करी थी और रात में ही हम योग नगरी ऋषिकेश स्टेशन पर पहुंच गए। 3:00 बजे उतारने के बाद हम लगभग 2 घंटे के लिए स्टेशन के वेटिंग रूम में ही सो गए और
सुबह 5:00 बजे उठकर फ्रेशनेस हो होने के बाद दिन 6:00 बजे करीब बस स्टैंड पहुंच गए अभी तक हमारा ₹100, 100 रु का खर्च हुआ था क्योंकि हम खाना पीना खा करके निकले थे
Kedarnath to Badrinath Distance
दिल्ली से केदारनाथ का पूरा रूट
सुबह बस स्टैंड पर पहुंचकर हमने सबसे पहले चार धाम यात्रा का रजिस्ट्रेशन कराया जो बिल्कुल फ्री था उसके बाद हमने वहां से सोनप्रयाग का 500 रुपया की बस का टिकट लिया और ₹20, 20 के चिप्स के पैकेट और एक पानी की बोतल लेकर हम बस में बैठ गए तो थोड़ी ही दूर चलने पर बस में हमें नींद आ गई
करीब 10:00 बजे हमारी आंख खुली तो हम ऊंचे पहाड़ों की वादियों में यात्रा कर रहे थे चारों तरफ ऊंचे ऊंचे पहाड़, गहरी खाई और नए-नए प्रजातियों के पेड़ पौधे ओर चूड़ीदार खेत दिखाई दे रहे थे लगभग 11:00 बजे गाड़ी एक होटल पर रुकी। हमने 150रु/थाली वाली खाने की थाली ली ओर खाने के बाद फिर से बस में बैठ गए।

Delhi → Haridwar/Rishikesh → Devprayag → Srinagar → Rudraprayag → Guptkashi → Sonprayag → Gaurikund → Kedarnath
यात्रा करो किस प्रकार रहा और रास्ते में हमें अच्छे-अच्छे दृश्य देखने को मिले इन सभी जगह पर खाने-पीने की ओर बैठने की अच्छी व्यवस्था है इन सभी शहरों को पीछे छोड़ते हुए हम सोनप्रयाग पहुंच गए। इन आठ नौ घंटे के सफर में हम अलग ही दुनिया में सफर कर रहे थे ऐसा लग रह था की धरती पर बस स्वर्ग यही पर हैं।
गौरीकुंड पहुंचने का मेरा अनुभव
- गौरीकुंड पहुंचने का मेरा अनुभव
सोनप्रयाग बस स्टैंड से गौरीकुंड टैक्सी स्टैंड तक करीब 1 किलोमीटर हम पैदल चले और रास्ते में हल्की हल्की बारिश हो रही थी चारों तरफ मौसम एकदम सुहावना मौसम हो रहा था रास्ते में रेनकोट, सूज कवर ओर सर्दियों के कपड़े की दुकानें लगी हुई थी
ठंड को देखते हुए मैंने एक कैप और रेनकोट खरीदा लेकिन शूज कवर नहीं खरीदे इस कारण मेरे जूते कीचड़ में हो सन गए
Badrinath to Valley of Flowers
गौरीकुंड से लोकल टैक्स लेकर चले तो रास्ते में मंदाकिनी नदी के पानी का आवाज अलग ही मन मोह रही रही थी ओर अब हम शाम 7:00 गौरीकुंड पहुंच गए और हमने वहां पर ₹800 में रूम बुक किया और फ्रेश होकर खाना-पीना खाया ओर घूमे के बाद हम सो गए। क्योकि सुबह जल्दी kedarnath trekking शुरू करना था।
Gaurikund से Kedarnath Trekking की शुरुआत
गौरीकुंड में हम सुबह जल्दी उठकर नहाने धोने के बाद हम ट्रेकिंग के लिए निकल गए।
केदारनाथ की ट्रैकिंग हम पहली बार कर रहे थे रास्ते में कीचड़ घोडो का मल मूत्र ट्रैक एकदम गंदा था जिसे देखकर हमें सूज कवर याद आ रहे थे और ऐसा लग रह आगे का सफर कैसा रहेगा

Kedarnath Trek का पूरा रास्ता
गौरीकुंड → जंगलचट्टी
गौरीकुंड से जंगल चिट्टी का रास्ता ही थोड़ा कठिन लग रहा था क्योंकि रास्ते में घोड़े का मल मूत्र के कारण और बारिश के कारण कीचड़ हो रहा था भीड़ बहुत थीं
जंगलचट्टी → भीमबली
जैसे-जैसे ऊपर चले रास्ता थोड़ा साफ होता रहा ओर सूंदर नजारे दिखने लगे थे
भीमबली → लिनचोली
भीमबली से आगे रास्ते मे भीड़ कम देखने को मिल रही थी खूबसूरत झरने, बर्फ की चोटिया दिखने लगी थी भूख भी लगने लगी थी हमें दो दो पराठे ओर चाय ली। एक पराठा 70 रु का था खाने के बाद आगे बढ़े और झरनों से गिरता हुआ पानी पीने में भी अच्छा लग रहा था।
लिनचोली → केदारनाथ बेस कैंप
यहां से केदारनाथ के आसपास का वातावरण और पहाड़ों के दृश्य बहुत खूबसूरत लग रहा था जगह जगह बर्फ पड़ी हुई थी अब हम पूरी तरह थक गए थे लेकिन मंजिल बहुत नजदीक थी इसलिए आगे बढ़ते रहे।
बेस कैंप → केदारनाथ मंदिर
बेस कैंप के पास से ही बारिश शुरू हो गई बारिश के साथ ओले भी गिर रहे थें रास्ते के दोनों तरफ दुकाने ओर टेंट लगे हुए थे।
Kedarnath Trekking में मुझे कितने घंटे लगे?
| जानकारी | मेरा अनुभव |
| ट्रेक शुरू | 06:00 |
| बीच में आराम | 15 मिनट का आराम 4 से 5 बार |
| केदारनाथ पहुंचने का समय | लगभग 03:00 |
| कुल ट्रेकिंग समय | लगभग 9 घंटे |
ध्यान दें: व्यक्ति की चाल के अनुसार सभी का टाइम अलग अलग हो सकता हैं।
केदारनाथ पहुंचने के बाद मेरा अनुभव
- पहली बार मंदिर देखने पर बहुत अच्छा लगा क्योंकि जो हमने अब तक फोटो और वीडियो में देखा था अब उसे हकीकत में देख रहे थे
- मौसम बारिश का मौसम था हल्की-हल्की बारिश ओर ओले गिर रहे थे।
- आसपास का वातावरण आसपास का वातावरण बहुत अच्छा था चारों तरफ पहाड़ों पर बर्फ पड़ी हुई थी
- दर्शन दर्शन करने के लिए बहुत लंबी लंबी लाइन लगी हुई थी बहुत पेड़ थे लोग VIP दर्शन कर रहे थे
- उस समय मुझे बिल्कुल भी अच्छा नहीं लग रहा था क्योंकि गरीब आदमी जैसे तैसे पैसे इकट्ठा करके दर्शन के लिए पहुंचा था और वह सिर्फ लाइन नहीं खड़ा रहा और वीआईपी लोग दर्शन करके जल्दी-जल्दी जा रहे थे उसे समय लगाओ कि पैसा ही सब कुछ है
मेरी पूरी Kedarnath Trip का खर्च — सिर्फ ₹3000
| खर्च | राशि |
| दिल्ली से गौरीकुंड का खर्च | ₹ 650 (100 ट्रैन,500 बस, 50 टैक्सी |
| स्थानीय यात्रा | ₹ 800 रूम के, 600 टेंट के (दो लोग थे एक आदमी के 700) |
| खाना | ₹ 710 (50 सुबह, 150 बस में, 150 गौरीकुंड में, 160 ट्रैक के टाइम, 200 केदारनाथ में) |
| पानी/अन्य खर्च | अन्य खर्च सब का अलग अलग हो हैं।ट्रैकिंग से समय पानी की हर जगह पानी की सुविधा उपलब्ध हैं। |
| वापसी का खर्च ₹ | वापसी में same हैं (रूम, टेंट हट गया) |
| अन्य | घोड़े, पालकी, फ़ास्ट फ़ूड, ये सब लोगों का पर्सनल होता हैं |
| कुल खर्च | ₹3000 के लगभग( 650+700+710) |
यह केवल मेरा खर्च था सब का खर्च अलग अलग हो सकता हैं। Kedarnath Trekking Cost मौसम व वीकेंड के अनुसार अलग हो सकता हैं।
मैंने ₹3000 में Kedarnath यात्रा कैसे पूरी की?
- सस्ता transport कैसे मिला– जरनल टिकट, बस व शेयर टेक्सी
- कम खर्च में रुके– नॉर्मल होटल व टेंट
- खाने पर कितना खर्च किया – जहाँ जरूरत थी (full dite)
- किन चीजों पर पैसे बचाए – पर्सनल जरूरतों कम की जैसे घोड़े, पालकी, फास्टफूड कम, बिना vip दर्शन
- खर्च करना जरूरी था – जिनकी ज्यादा जरूरत थी
Kedarnath Trekking में मैंने क्या सामान साथ रखा?
- ट्रेकिंग जूते
- गर्म कपड़े
- रेनकोट
- पानी की बोतल
- छोटा बैग
- मोबाइल
- पावर बैंक
- जरूरी दस्तावेज
- व्यक्तिगत जरूरत का सामान

Kedarnath Trekking के रास्ते में क्या-क्या मिलता है?
- खाने-पीने की जगह
- पानी
- आराम करने की जगह
- मेडिकल सुविधा
- स्थानीय दुकानें
- अन्य सुविधाएं
Kedarnath Trekking सिर्फ मंदिर तक पहुंचने का रास्ता नहीं है, बल्कि पूरे रास्ते में आपको पहाड़ों की खूबसूरती, झरने, नदियां, दुकानें और यात्रियों से भरा एक अलग ही माहौल देखने को मिलता है। जैसे-जैसे आप आगे बढ़ते हैं, प्रकृति का नजारा और भी खूबसूरत होता जाता है।
Kedarnath Trekking के दौरान मेरी सबसे बड़ी गलतियां
- ज्यादा सामान ले जाना
- सही जूते न पहनना
- सूज कवर न लेना
- मौसम को हल्के में लेना
Kedarnath Trekking ने मुझे सिखाया कि पहाड़ों पर सिर्फ उत्साह से नहीं, बल्कि सही तैयारी, धैर्य और अपनी क्षमता को समझकर चलना चाहिए। मेरी ये गलतियां शायद किसी दूसरे यात्री की यात्रा को थोड़ा आसान बना सकें।
पहली बार Kedarnath Trekking करने वालों के लिए मेरी सलाह
- धीरे-धीरे चलें
- हल्का सामान रखें
- अच्छे जूते पहनें
- मौसम की जानकारी लें
- जरूरी दस्तावेज साथ रखें
- प्रशासन के निर्देशों का पालन करें
- अपनी क्षमता के अनुसार यात्रा करें
क्या ₹3000 में Kedarnath जाना संभव है?
₹3000 आपका व्यक्तिगत यात्रा खर्च था।
यात्रा का खर्च हर व्यक्ति के लिए अलग हो सकता है और transport, भोजन, रहने, तारीख और यात्रा की परिस्थितियों के अनुसार बदल सकता है।
मेरी पूरी Kedarnath trekking यात्रा का सबसे यादगार पल
मेरी Kedarnath यात्रा का सबसे यादगार पल
मेरी पूरी Kedarnath यात्रा में कई ऐसे पल आए जिन्हें मैं कभी नहीं भूल सकता, लेकिन सबसे यादगार पल वह था जब लंबे और कठिन ट्रेक के बाद पहली बार बाबा केदारनाथ के दर्शन हुए। रास्ते की थकान, ठंड और पैरों का दर्द उस एक पल में जैसे सब गायब हो गया।
जब सामने बाबा केदारनाथ का मंदिर दिखाई दिया, तो मन में एक अलग ही शांति महसूस हुई। चारों तरफ ऊंचे पहाड़, ठंडी हवाएं और मंदिर का अद्भुत वातावरण देखकर ऐसा लगा जैसे मेरी पूरी यात्रा इसी पल के लिए थी।
उस समय मन में बस एक ही भावना थी—इतनी दूर आने की मेहनत आखिर सफल हो गई। मैंने मंदिर के सामने कुछ देर रुककर उस पल को महसूस किया और मन ही मन बाबा केदारनाथ का धन्यवाद किया।
आज भी जब मैं अपनी Kedarnath यात्रा की तस्वीरें देखता हूं, तो सबसे पहले वही पल याद आता है। मेरे लिए यह सिर्फ एक यात्रा नहीं थी, बल्कि जिंदगी की उन यादों में से एक है जिसे मैं हमेशा अपने साथ रखूंगा।
क्या मैं दोबारा Kedarnath Trekking करूंगा?
हां, मुझे वासुकीताल की यात्रा करना है वहाँ केदारनाथ होकर जाना होता हैं अबकी बार Vasuki Tal trekking ओर kedarnath trekking दोनो जगह जाऊंगा
Kedarnath Trekking से जुड़े जरूरी सवाल — FAQs
केदारनाथ से बद्रीनाथ की दूरी
केदारनाथ से बद्रीनाथ तक की सड़क दूरी लगभग 215 से 240 किलोमीटर है , यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप कौन सा मार्ग चुनते हैं
केदारनाथ to badrinath distan
केदारनाथ से बद्रीनाथ तक की सड़क दूरी लगभग 215 से 240 किलोमीटर है
kedarnath temple kapat closing date 2026
केदारनाथ मंदिर के लिए प्रवेश की संभावित अंतिम तिथि 11 नवंबर, 2026(बुधवार) है,
हरिद्वार से केदारनाथ बस किराया
साधारण बस किराया लगभग 600 रु के आस पास है बाकी आपके बस के प्रकार पर निर्भर करता है
केदारनाथ की चढ़ाई कितने घंटे में हो जाती है?
केदारनाथ की चढ़ाई गौरीकुंड से शुरू होकर आमतौर पर 7 से 9 घंटे में पूरी होती है।
केदारनाथ में पैदल चढ़ाई कितने किलोमीटर की है?
गौरीकुंड से केदारनाथ धाम तक की पैदल चढ़ाई लगभग 16 किलोमीटर (एक तरफ की) है। कुछ रास्तों और नए ट्रेक के हिसाब से यह दूरी 16 से 18 किलोमीटर तक भी मानी जाती है।
केदारनाथ में सबसे कम भीड़ कब रहती है?
केदारनाथ धाम में सबसे कम भीड़ जुलाई और अगस्त (मानसून का समय) के महीनों में रहती हैं हालांकि मानसून में भारी बारिश और भूस्खलन का खतरा रहता है।
केदारनाथ यात्रा के लिए घोड़े का किराया कितना है?
गौरीकुंड से केदारनाथ धाम तक घोड़े (टट्टू/खच्चर) का आधिकारिक एक तरफ का किराया लगभग ₹3,500 है।
केदारनाथ धाम में बर्फबारी कब होती है?
केदारनाथ धाम में मुख्य रूप से नवंबर से अप्रैल के सर्दियों के महीनों में भारी बर्फबारी होती है।






