भारत के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक, Maa Shakumbhari Devi Mandir Saharanpur करोड़ों भक्तों की आस्था का केंद्र है। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले की शिवालिक पहाड़ियों के बीच बसा यह प्राचीन माँ शाकुम्भरी देवी मंदिर न केवल अपनी आध्यात्मिक ऊर्जा के लिए बल्कि अपने शांत प्राकृतिक परिवेश के लिए भी जाना जाता है।
अगर आप इस पावन धाम की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो यह ब्लॉग आपके लिए एक कम्प्लीट गाइड है। यहाँ हम मंदिर के इतिहास, पौराणिक कथाओं, दर्शन के समय और यात्रा से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी को विस्तार से जानेंगे।

Maa Shakumbhari Devi Mandir Saharanpur का पौराणिक इतिहास (History & Significance)
Maa Shakumbhari Devi Temple का इतिहास हजारों वर्ष पुराना माना जाता है। पौराणिक कथाओं देवी भागवत पुराण के अनुसार, इस स्थल का संबंध एक महान चमत्कार से है:
सौ वर्षों का अकाल: प्राचीन काल में दुर्गमासुर नाम के एक शक्तिशाली राक्षस ने वेदों को छुपा दिया था, जिसके कारण धरती पर 100 वर्षों तक घोर अकाल पड़ा। नदियाँ सूख गईं और जीव-जंतु तड़पने लगे।
माँ का ‘शताक्षी’ रूप: देवताओं और ऋषियों की करुण पुकार सुनकर आदि शक्ति माँ दुर्गा प्रकट हुईं। धरती की दुर्दशा देखकर माँ की सौ आँखों से करुणा के आँसू बह निकले, जिससे सूखी नदियाँ फिर से बहने लगीं। इसी कारण माँ को ‘शताक्षी’ (सौ आँखों वाली) भी कहा जाता है।
शाकम्भरी नाम कैसे पड़ा?: जीवों जंतु को भूख से बचाने के लिए माँ ने अपने शरीर से दिव्य जड़ी-बूटियाँ, फल और शाक (सब्जियां) उत्पन्न कीं। शाक (Vegetables) से संसार का भरण-पोषण करने के कारण उनका नाम ‘शाकम्भरी’ पड़ा।
दर्शन की पहली शर्त: बाबा भूरा देव मंदिर (Baba Bhura Dev Temple)
शाकम्भरी देवी सहारनपुर की यात्रा तब तक अधूरी मानी जाती है, जब तक आप उनके परम भक्त और रक्षक Baba Bhura Dev के दर्शन नहीं कर लेते।
कहाँ स्थित है?: Baba bhura Dev Mandir मुख्य शाकम्भरी देवी मंदिर से लगभग 1 किलोमीटर पहले पहाड़ी मार्ग पर स्थित है।
क्या है मान्यता?: पौराणिक कथा के अनुसार, दुर्गमासुर के राक्षसों से लड़ते हुए भैरव स्वरूप बाबा भूरा देव ने वीरगति प्राप्त की थी। माँ शाकुंभरी देवी ने प्रसन्न होकर उन्हें वरदान दिया था कि जो भी भक्त उनके दर्शन के लिए आएगा, वह पहले भूरा देव की पूजा करेगा। इसलिए परंपरा के अनुसार, प्रथम पूजा बाबा भूरा देव की ही होती है।
कहाँ स्थित है?: Baba bhura Dev Mandir मुख्य शाकम्भरी देवी मंदिर से लगभग 1 किलोमीटर पहले पहाड़ी मार्ग पर स्थित है।
Maa Shakumbhari Devi Mandir Timings (दर्शन का समय)
माँ शाकम्भरी देवी मंदिर भक्तों के लिए साल में कभी भी आते हैं यह सभी दिन खुला रहता है। मौसम के अनुसार मंदिर के खुलने और बंद होने के समय में थोड़ा बदलाव होता है:
| मौसम (Season) | खुलने का समय (Opening Time) | बंद होने का समय (Closing Time) |
| गर्मियों में (Summer) | सुबह 04:00 बजे | रात 10:00 बजे |
| सर्दियों में (Winter) | सुबह 05:00 बजे | रात 09:00 बजे |
नोट: नवरात्रि और दिवाली जैसे बड़े त्योहारों के दौरान मंदिर चौबीसों घंटे खुला रह सकता है। सुबह और शाम की मुख्य आरती के समय गर्भगृह के कपाट कुछ समय के लिए दर्शन के लिए बंद रहते हैं।
बाबा भूरादेव मंदिर
Maa Shakumbhari Devi Mandir Saharanpur की यात्रा में बाबा भूरादेव मंदिर का विशेष महत्व माना जाता है।

सहारनपुर जिला प्रशासन के अनुसार बाबा भूरादेव मंदिर मुख्य शाकुंभरी देवी मंदिर से लगभग 1 से 1.5 किलोमीटर पहले मार्ग पर स्थित है। स्थानीय धार्मिक मान्यता के अनुसार श्रद्धालु पहले बाबा भूरादेव के दर्शन करते हैं और उसके बाद Maa Shakumbhari Devi Mandir Saharanpur की ओर जाते हैं। लौटते समय भी बाबा भूरादेव को नमन करने की परंपरा बताई गई है।
अगर आप पहली बार यहां जा रहे हैं तो दोनों मंदिरों को अपनी यात्रा में शामिल कर सकते हैं।
माँ शाकुंभरी देवी मंदिर में मेले
माँ शाकुंभरी देवी मंदिर में धार्मिक अवसरों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
सहारनपुर जिला प्रशासन की संस्कृति एवं विरासत संबंधी जानकारी में माँ शाकंभरी देवी मेला नवरात्रि के अवसर पर आयोजित होने वाला प्रमुख धार्मिक मेला बताया गया है।
मंदिर की वेबसाइट पर भी नवरात्रि और अन्य विशेष धार्मिक अवसरों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने का उल्लेख मिलता है।
मेले और त्योहार के दिनों में भीड़ सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक हो सकती है। इसलिए परिवार के साथ जाने पर यात्रा की योजना पहले से बनाना बेहतर रहता है।

यहाँ कैसे पहुँचें? (How to Reach Shakumbhari Devi Dham)
Saharanpur to Shakumbhari Devi distance लगभग 40 से 50 किलोमीटर है। आप यहाँ सड़क मार्ग, रेलमार्ग या हवाई मार्ग से आसानी से पहुँच सकते हैं
हवाई मार्ग द्वारा (By Air): माँ शाकुम्भरी देवी मंदिर के पास का हवाई अड्डा देहरादून का जॉली ग्रांट एयरपोर्ट (Jolly Grant Airport) है, जो मंदिर से लगभग 90 किलोमीटर दूरी पर है। वहाँ से आप सड़क मार्ग द्वारा मंदिर तक आसानी से पहुँच सकते हैं।
सड़क मार्ग द्वारा (By Road): सहारनपुर शहर से मां शाकुंभरी देवी मंदिर के लिए सीधी बसे उपलब्ध रहती हैं इसके अलावा आप प्राइवेट टेक्सी से भी जा सकते हैं। मंदिर तक जाने का रास्ता एक सूखी नदी के तल (Dry River Bed) से होकर गुजरता है इसमे तोड़ा तोड़ा पानी आता रहता हैं, जो यात्रा को काफी रोमांचक बनाता है।
रेल मार्ग द्वारा (By Train): माँ शाकुम्भरी देवी मंदिर के सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन सहारनपुर जंक्शन (SRE) है। यह दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड के प्रमुख शहरों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। स्टेशन से आप सीधे टैक्सी बुक कर सकते हैं। या सार्वजनिक साधन से भी जा सकते हैं।
माँ शाकुंभरी देवी मंदिर जाने का सही समय
मंदिर में श्रद्धालु पूरे वर्ष दर्शन के लिए पहुंचते हैं। हालांकि नवरात्रि और प्रमुख धार्मिक अवसरों पर यहां भीड़ बढ़ सकती है।
अगर आप शांत वातावरण में दर्शन करना चाहते हैं तो सामान्य दिनों में यात्रा करना सुविधाजनक हो सकता है। वहीं धार्मिक मेले और नवरात्रि के दौरान जाने पर आपको बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और धार्मिक वातावरण का अनुभव मिलेगा।
यात्रा से पहले मंदिर की आधिकारिक जानकारी से दर्शन और पूजा के समय की पुष्टि कर लेना बेहतर रहेगा, क्योंकि विशेष अवसरों पर व्यवस्था और समय में बदलाव हो सकता है।
Maa Shakumbhari Devi Yatra: महत्वपूर्ण टिप्स
- सबसे अच्छा मौसम: यहाँ आने के लिए अक्टूबर से मार्च के बीच का समय सबसे उत्तम माना जाता है। इस दौरान यहाँ का मौसम बेहद सुहावना होता है।
- भीड़ से बचें: नवरात्रि के मेले के दौरान लाखों की संख्या में श्रद्धालु Maa Shakumbhari Devi Mandir Saharanpur के दर्शन के लिए आते हैं हैं। अगर आप शांति से दर्शन करना चाहते हैं, तो आम दिनों में सुबह 11 बजे से पहले पहुँचने का प्रयास करें।
- रहने और खाने की व्यवस्था: Maa Shakumbhari Devi Mandir Saharanpur परिसर के आसपास कई धर्मशालाएं हैं जहाँ भंडारा (निःशुल्क भोजन) और रुकने की व्यवस्था होती है。 हालांकि, बहुत बड़े लग्जरी होटल यहाँ उपलब्ध नहीं हैं।
निष्कर्ष (Conclusion)
माँ शाकुंभरी देवी मंदिर की यात्रा न सिर्फ आपकी धार्मिक आस्था को तृप्त करती है, बल्कि शिवालिक की हसीन पहाड़ियाँ आपके मन को असीम शांति से भर देती हैं। अपनी अगली धार्मिक यात्रा की लिस्ट में Maa Shakumbhari Devi Mandir Saharanpur के इस पावन धाम को जरूर शामिल करें।
जय माँ शाकम्भरी!
Maa Shakumbhari Devi Mandir Saharanpur FAQs
माँ शाकुंभरी देवी मंदिर कहाँ स्थित है?
माँ शाकुंभरी देवी मंदिर उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के जसमौर गांव क्षेत्र में स्थित है। यह सहारनपुर शहर से लगभग 40 किलोमीटर उत्तर में है।
माँ शाकुंभरी देवी मंदिर से बाबा भूरादेव मंदिर कितनी दूर है?
बाबा भूरादेव मंदिर मुख्य शाकुंभरी देवी मंदिर के रास्ते में लगभग 1 से 1.5 किलोमीटर पहले स्थित बताया गया है।
क्या पहले बाबा भूरादेव के दर्शन किए जाते हैं?
स्थानीय धार्मिक मान्यता के अनुसार माँ शाकुंभरी देवी के दर्शन से पहले बाबा भूरादेव के दर्शन किए जाते हैं। लौटते समय भी श्रद्धालु बाबा भूरादेव को नमन करते हैं।
शाकुंभरी देवी मंदिर कैसे पहुंचें?
मंदिर सड़क मार्ग से सहारनपुर और छुटमलपुर होते हुए बेहट की ओर से पहुंचा जा सकता है। ट्रेन से आने वाले यात्री सहारनपुर रेलवे स्टेशन पहुंचकर आगे सड़क मार्ग से मंदिर जा सकते हैं।
क्या शाकुंभरी देवी मंदिर में नवरात्रि के दौरान भीड़ होती है?
हाँ, नवरात्रि और प्रमुख धार्मिक अवसरों पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
माँ शाकुंभरी देवी को किस रूप में पूजा जाता है?
धार्मिक मान्यताओं में माँ शाकुंभरी देवी को पोषण और वनस्पति से जुड़े देवी स्वरूप के रूप में पूजा जाता है।






